वक्फ बिल संशोधन विधेयक केंद्र सरकार कल बुधवार 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश करेगी, जिस पर चर्चा की जाएगी। वक्फ संशोधन बिल पर मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस होती रही।
लोकसभा में आनेवाले इस महत्वपूर्ण बिल के लिए इंडिया गठबंधन ने रणनीति बनाई। बेठक में इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने भाग लिया। इस बैठक में घटक दलों के लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों के नेता मौजूद थे।
बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि हम इस बिल का सदन में पुरजोर विरोध करेंगे। हालांकि विपक्ष बिल पर होने वाली चर्चा में भाग लेगा। यह मीटिंग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई।
जिसमें राहुल गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, केसी वेणुगोपाल, डीएमके नेता टीआर बालू, तिरुचि शिवा, कनिमोई, एनसीपी-एससी से सुप्रिया सुले और फोजिया खान मौजूद रहे।
वहीं समाजवादी पार्टी से रामगोपाल यादव, टीएमसी के कल्याण बनर्जी, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, सीपीआई-एम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के संतोष कुमार पी, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन बैठक में शामिल हुए।
मीटिंग के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया में कहा कि शुरुआत के चरण में ही इंडिया गठबंधन और सभी समान विचारधारा वाले दलों ने इस पर स्पष्ट रुख अपनाया था। यह बिल एक लक्षित कानून है और मूल रूप से संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है।
इंडिया गठबंधन दलों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि हम इस बिल का विरोध करने जा रहे हैं। हम अन्य समान विचारधारा वाले दलों से भी इस बिल के खिलाफ मतदान करने का अनुरोध करते हैं।
वहीं दूसरी ओर मीटिंग के बाद मीडिया में सुप्रिया सुले का कहना था कि इंडिया गठबंधन ने अच्छी चर्चा की। हमने तय किया कि हम चर्चा में हिस्सा लेंगे। जिस तरह हम उनकी बात सुनेंगे, उसी तरह हम अपना सच भी सामने रखेंगे।
हम उनके साथ खड़े होंगे, जो संविधान के प्रति हमारे हिसाब से काम करेंगे। दूसरी ओर शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी का कहना था कि हम इस पर बहस में हिस्सा लेंगे, लेकिन हम बिल के विरोध में हिस्सा लेंगे। जबकि सीपीआई- एम के जॉन ब्रिटास का कहना था कि हम इस बिल का पुरजोर विरोध करेंगे।