केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 13 अप्रैल को मध्यप्रदेश का दौरा लगभग तय हो गया है। उनका नीमच में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें वे सहकारी क्षेत्र में दूध के उत्पादन, विपणन सहित कई कार्यों को हरी झंडी देंगे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की ओर से मप्र के 6 सहकारी दुग्ध संघों और उत्पादन समितियों व दुग्ध शीत केंद्रों को टेकओवर करेगा। अभी इन संघों का संचालन राज्य सरकार के अधीन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम के दैरान दुग्ध उत्पादन को लेकर कई जानकारी दी थी। सीएम मोहन ने बताया था कि, दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम प्रति व्यक्ति है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुना करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा।
अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जाएगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरुप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रुपये से बढ़कर दोगुना से भी अधिक (3500 करोड़ रुपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा।