नई दिल्ली। देश की राजधानी में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होना है, लेकिन दिल्ली की आप सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। अब पार्टी के लिए और बुरी खबर सामने आ गई है। आतिशी सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजा है। साथ ही गहलोत ने केरीवाल को एक पत्र भी लिखकर भेजा है। जिसमें उन्होंने शीश महल का मुद्दा उठाया है।
बता दें कि दिल्ली की पिछली सरकार में परिवहन व पर्यावरण विभाग का कार्यभार संभालने वाले कैलाश गहलोत ने इस बार भी मंत्री पद की शपथ ली थी। पिछली बार गहलोत के पर्यावरण मंत्री रहते दिल्ली की हवा को लेकर तमाम कदम उठाए गए थे, जिसका नतीजा रहा कि प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कैलाश ने इस बार नजफगढ़ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के अजित सिंह खरखरी को हरा कर जीत हासिल की थी।
यह लिखा खत में
मिली जानकारी के अनुसारी कैलाश गहलोत ने अरविंद केजरीवाल को पत्र में लिखा है, शीशमहल जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद हैं, जो अब सभी को संदेह में डाल रहे हैं कि क्या हम अभी भी आम आदमी होने में विश्वास करते हैं…अब यह स्पष्ट है कि अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकांश समय केंद्र से लड़ने में बिताती है तो दिल्ली के लिए वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती। मेरे पास आप से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और इसलिए मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।
दिया यमुना की सफाई का उदाहरण
उन्होंने लिखा, ‘उदाहरण के लिए, जिस यमुना को हमने स्वच्छ नदी बनाने का वादा किया था, लेकिन हम कभी ऐसा नहीं कर पाए। अब यमुना नदी पहले से भी अधिक प्रदूषित हो गई है। एक और दर्दनाक बात यह है कि लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं। इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है।’